आज करवा चौथ का व्रत अत्यंत महत्वपूर्ण है 70 वर्ष बाद करवा चौथ पर इस बार शुभ संयोग बन रहा है. इस बार रोहिणी नक्षत्र के साथ मंगल का योग होना करवा चौथ को अधिक मंगलकारी बना रहा है रोहिणी नक्षत्र और चंद्रमा में रोहिणी का योग होने से मार्कण्डेय और सत्याभामा योग इस करवा चौथ पर बन रहा है. ...
Read More »II संस्कृति II
गोरी ने अपना घोड़ा मुल्तान पहुंचकर ही रोका, वह एक महिला में अपनी मौत देखकर आया था
“मैं तुम्हारी रानी की खूबसूरती सुनते हुए आया हूँ! सुना है रानी का पति भी मर गया है, और है ही क्या उसके पास एक छोटा बच्चा! मेरे सामने इतने बड़े बड़े राजा हार गए, फिर यह रानी क्या चीज़ है! उससे बोलो, मेरे पास आए तो जान बख्श दूंगा! नहीं तो!” हिन्दुस्तान में अपनी क्रूरता से नई कहानियां लिखने ...
Read More »शिव निंदा से हुआ था दक्ष प्रजापति का यज्ञ अधुरा, जानिये क्यूँ लगा बकरे का सर
भगवान ब्रह्मा के मानस पुत्रों में से एक प्रजापति दक्ष का पहला विवाह स्वायंभुव मनु की तृतीय पुत्री प्रसूति से हुआ। मान्यता अनुसार भगवान ब्रह्मा के दक्षिणा अंगुष्ठ से प्रजापति दक्ष की उत्पत्ति हुई, लेकिन कल्पांतर में वही प्रचेता के पुत्र हुए। फिर उन्होंने उन्होंने प्रजापति वीरण की कन्या असिकी को पत्नी बनाया। असिकी को वीरणी भी कहा जाता है। ...
Read More »योग को उंचाइयो तक ले जाने वाले महर्षि महेश योगी जी की जयंती पर शत शत नमन।
पश्चिम में जब हिप्पी संस्कृति का बोलबाला था, महर्षि महेश योगी ने ‘ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन’ (अनुभवातीत ध्यान) के जरिए दुनिया भर में अपने लाखों अनुयायी बनाए। योग और ध्यान को दुनिया के कई देशों में पहुंचाने वाले आध्यात्मिक गुरु महर्षि महेश योगी का 12 जनवरी को जन्मदिन हैं। दिव्य विभूति महर्षि योगी ने वैदिक ज्ञान से संपूर्ण विश्व को आलौकित किया ...
Read More »महाराजा शिवि की दयालुता | राजा शिबि और दो पक्षियों की कहानी
भारत वर्ष में कई परोपकारी राजा हुए है ऐसे एक राजा थे शिवि, महाभारत तथा जातक कथाओं में उशीनर और उनके पुत्र शिवि का उल्लेख मिलता है। उशीनरों का प्रदेश मध्यदेश था। कौषीतकि उपनिषद् में उशीनर, मत्स्यों, कुरु, पांचालों एवं वंशों की श्रेणी में परिगणित हुए हैं। पुरुवंशी नरेश शिवि उशीनगर देश के राजा थे। वे बड़े दयालु-परोपकारी शरण में आने वालो ...
Read More »पहली बार वैष्णो देवी जा रहे हैं, यहां पढ़ें यात्रा से जुड़ी जरूरी बातें
माता वैष्णो देवी मंदिर तक की यात्रा को देश के सबसे पवित्र और कठिन तीर्थ यात्राओं में से एक माना जाता है और इसकी वजह है यह है माता का दरबार जम्मू-कश्मीर स्थित त्रिकूटा की पहाड़ियों में एक गुफा में है जहां तक पहुंचने के लिए 12 किलोमीटर की मुश्किल चढ़ाई करनी पड़ती है। वैसे माँ वैष्णो के दरबार जाने ...
Read More »दैनिक जीवन में आयुर्वेद की उपयोगिता – दिनचर्या
दिनचर्या मलत्याग (Defecation) : प्रातः काल से ही प्रारम्भ करते हुए रात्रि को लिया हुआ भोजन पचन हुआ है या नहीं ऐसे जीर्णाजीर्ण का विचार कर ब्रह्म् मुहूर्तमें उठ्कर वेग प्राप्त मल,मूत्र का उत्सर्जन करना चाहियेI यहां पर कहा गया है वेग प्राप्त मल,मूत्र उत्सर्जन अर्थात बलपूर्वक् वेग प्राप्त् न हो फिर भी मल,मूत्र उत्सर्जन करने से अर्श (बवासीर- piles), गुद्भ्रंश (anal prolapse), ...
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